Stone Age Explained in Simple Words (All Periods + Notes + PDF)”

By Vipin Verma

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🪨 Stone Age

📜 प्रागैतिहासिक काल | 🏺 सिन्धु घाटी से पूर्व | 🎯 परीक्षा उपयोगी

प्राचीन भारत का इतिहास — सम्पूर्ण अध्ययन नोट्स

इतिहास का वर्गीकरण


लिखित साक्ष्यों का सर्वथा अभाव। केवल पुरातात्विक साक्ष्य उपलब्ध। इसी में पाषाण काल आता है।


लिखित साक्ष्य उपलब्ध किन्तु अपठित। पुरातात्विक साक्ष्यों पर निर्भरता। जैसे — सिन्धु घाटी सभ्यता।


लिखित साक्ष्य उपलब्ध एवं पठित। पुरातात्विक साक्ष्य भी उपलब्ध। लगभग 600 ई.पू. से प्रारम्भ।


◆ ◆ ◆

_________मुख्य विभाजन_________

पाषाण काल के तीन चरण


10,000 ई.पू. – 4,000 ई.पू.

संक्रमण काल — शिकार से कृषि की ओर। मानव अभी भी शिकारी एवं खाद्य संग्राहक था, किन्तु पशुपालन के प्रमाण मिलने लगे।

  • साक्ष्य: पशुपालन के प्रमाण मिलते हैं
  • उपकरण: अस्थि निर्मित उपकरण विशेष रूप से मिलते हैं
  • प्रमुख स्थल: आदमगढ़ (मध्य प्रदेश), बागोर (राजस्थान)
  • अन्य स्थल: सरायनाहर राय, महदहा (उत्तर प्रदेश)

⚠️ विशेष तथ्य

मध्यपाषाण काल को “फलक संस्कृति” भी कहा जाता है। इस काल में 14 मानव कंकाल लघनज (गुजरात) से प्राप्त हुए हैं।

🗺️ महत्वपूर्ण स्थल

भारत में मध्यपाषाण काल के विषय में सबसे पहले जानकारी बागोर (राजस्थान) से प्राप्त हुई। हड्डी से निर्मित आभूषण भी इसी काल में मिलते हैं।

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नवपाषाण काल (Neolithic Age)

7,000 ई.पू. – 1,000 ई.पू.

पाषाण काल का सर्वाधिक विकसित चरण। मानव ने खाद्यान्नों का उत्पादन प्रारम्भ किया और अग्नि का प्रयोग सीखा।

  • महत्वपूर्ण उपलब्धि: कृषि, पशुपालन एवं अग्नि का ज्ञान
  • चावल का प्राचीनतम साक्ष्य: लहुरादेव (उत्तर प्रदेश) — 9000-7000 ई.पू.
  • गेहूँ का प्राचीनतम साक्ष्य: मेहरगढ़ (पाकिस्तान) — 7000 ई.पू.
  • उत्पादन के अन्य स्थल: बुर्जहोम (जम्मू-कश्मीर), संगनकल्लू, पिकलीहल, उत्तनूर

🌾 कृषि क्रांति

भारतीय उपमहाद्वीप में चावल का प्राचीनतम साक्ष्य वाला स्थल लहुरादेव है (उ.प्र.)। यह 9000–7000 ई.पू. के मध्य का है। मेहरगढ़ (पाकिस्तान) से गेहूँ की खेती का प्राचीनतम प्रमाण लगभग 7000 ई.पू. में मिलता है।

नवपाषाण काल के महत्वपूर्ण स्थल: बुर्जहोम/गुफकराल (जम्मू-कश्मीर) — यहाँ से मानव कंकाल, कुत्ते का कंकाल और गर्त आवास (Pit Dwelling) के साक्ष्य मिले हैं।

तुलनात्मक अध्ययन

तीनों कालों की तुलना

पक्षपुरापाषाणमध्यपाषाणनवपाषाण
जीविकाशिकार + संग्रहशिकार + पशुपालनकृषि + पशुपालन
उपकरणहस्तकुठार, खंडकअस्थि-निर्मित उपकरणपॉलिशदार पत्थर
अग्नि ज्ञाननहींआंशिकपूर्णतः उपलब्ध
निवासगुफाएँ / खानाबदोशअस्थायीस्थायी बस्तियाँ
प्रमुख स्थलपल्लवरम, सोहनआदमगढ़, बागोरलहुरादेव, मेहरगढ़, बुर्जहोम
खोजकर्ता/विशेषतारॉबर्ट ब्रूस फुट (1863)अस्थि-आभूषणकुम्हार की चाक (गुफकराल)

पुरातत्व

भारतीय पुरातत्व — महत्वपूर्ण तथ्य

🏛️

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) — Timeline

  • 1861 ई. — भारतीय पुरातत्व के जनक अलेक्जेंडर कनिंघम नियुक्त, भारत में पहली बार पुरातत्व सर्वेक्षण का अनुसंधान प्रारम्भ
  • 1863 ई. — भारत में पाषाण काल संबन्धी जानकारी का प्रारम्भ (रॉबर्ट ब्रूस फुट)
  • 1871 ई. — पुरातत्व सर्वेक्षण एक विभाग के रूप में गठित
  • 1901 ई. — लॉर्ड कर्जन के समय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग का नाम केन्द्रीकृत; जॉन मार्शल को महानिदेशक बनाया गया

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हड्डी की मातृदेवी

लोहदा नाला क्षेत्र (बेलन घाटी) से प्राप्त हुई — हड्डी से निर्मित मातृदेवी की प्रतिमा

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वृहत्पाषाण स्मारक

मृतकों को दफनाने के स्थान। वृहत्पाषाण स्मारक की पहचान इसी से होती है।

🏛️

राष्ट्रीय मानव संग्रहालय

स्थित है — भोपाल (मध्य प्रदेश) में।

🪘

गौरिक मृद्भाण्ड

हस्तिनापुर में नामकरण हुआ। कुम्हार की चाक का अर्थ गुफकराल से मिलता है।

महत्वपूर्ण स्थल

नवपाषाण काल के प्रमुख स्थल

स्थलराज्य / क्षेत्रप्रमुख साक्ष्य
लहुरादेवउत्तर प्रदेशचावल का प्राचीनतम साक्ष्य (9000-7000 ई.पू.)
मेहरगढ़पाकिस्तान (बलूचिस्तान)गेहूँ का प्राचीनतम साक्ष्य (7000 ई.पू.), कृषि एवं पशुपालन
बुर्जहोमजम्मू-कश्मीरमानव कंकाल, कुत्ते का कंकाल, गर्त आवास
गुफकरालजम्मू-कश्मीरकुम्हार की चाक (प्राचीनतम), मकका का साक्ष्य
संगनकल्लूकर्नाटकनवपाषाण उपकरण
पिकलीहलकर्नाटकपशुपालन के साक्ष्य
उत्तनूरआन्ध्र प्रदेशनवपाषाण कालीन बस्ती
कोलडीहवाउत्तर प्रदेशचावल (Rice) का पहला साक्ष्य — मैक्सिको में भी मिला

📍 याद रखें

नवपाषाण काल में पश्चिमी क्षेत्र में कृषि के अभ्युदय का स्थल मेहरगढ़ (बलूचिस्तान) माना जाता है। यह भारतीय उपमहाद्वीप में कृषि सभ्यता का सबसे पुराना केन्द्र है।

IMP Points

विशेष महत्वपूर्ण बिन्दु

  • भारत में अस्थि-पंजर का सर्वप्रथम साक्ष्य — डी. टेरा एवं पीटरसन द्वारा खोजा गया
  • भारत में मध्यपाषाण काल के अंतिम चरण में पशुपालन का प्रमाण — आदमगढ़
  • पाषाण-संस्कृति से लेकर सिन्धु घाटी सभ्यता तक के अवशेष — मेहरगढ़
  • भारत में मानव का सर्वप्रथम साक्ष्य — हंथनौय (भीमबेटका) में प्रागैतिहासिक चित्रकला (शैल)
  • मध्यपाषाण काल में पालतू जानवर (प्रथम) — कुत्ता
  • एक ही कब्र से तीन मानव कंकाल निकले — दमदमा
  • प्राचीनतम स्थायी जीवन का प्रमाण — मेहरगढ़
  • मध्यपाषाण काल में 14 मानव कंकाल — लघनज (गुजरात)
  • मध्यपाषाण काल में हड्डी से निर्मित आभूषण — सरायनाहर राय, महदहा
  • गुफकराल का अर्थ — कुम्हार की गुफा

अभ्यास प्रश्न

MCQ Practice — SSC/UPSC स्तर

Q1. रॉबर्ट ब्रूस फुट एक ________ थे।वनस्पति-वैज्ञानिकपुरातत्वविद् व भूगर्भ-वैज्ञानिकपुरावनस्पतिशास्त्रीइतिहासकार

Q2. भारत में मानव का सर्वप्रथम साक्ष्य कहाँ मिलता है?सिन्धु घाटीआदमगढ़नर्मदा घाटीबेलन घाटी

Q3. भारतीय उपमहाद्वीप में चावल का प्राचीनतम साक्ष्य कहाँ से मिला है?मेहरगढ़बुर्जहोमलहुरादेवकोलडीहवा

Q4. नवपाषाण युग में पश्चिमी क्षेत्र में कृषि के उद्भव का स्थल है?बागोरमेहरगढ़लहुरादेवआदमगढ़

Q5. ‘गुफकराल’ का शाब्दिक अर्थ क्या है?पत्थर की गुफालोहे की गुफाकुम्हार की गुफाराजा की गुफा

परीक्षा से पूर्व

Quick Revision — एक नज़र में

✅ याद करने योग्य — सबसे महत्वपूर्ण

  • मध्यपाषाण काल को फलक संस्कृति भी कहते हैं
  • पुरापाषाण काल में उत्खनित प्रमाणों के अनुसार पशुपालन का प्रारम्भ मध्यपाषाण काल में हुआ था
  • हड्डी से निर्मित आभूषण — सरायनाहर राय से
  • एक ही कब्र से तीन मानव कंकाल — दमदमा
  • भारत में मानव का सर्वप्रथम साक्ष्य — नर्मदा घाटी
  • भारतीय उपमहाद्वीप में चावल की खेती का प्राचीनतम स्थल — लहुरादेव
  • गेहूँ का प्राचीनतम साक्ष्य — मेहरगढ़ (पाकिस्तान)
  • मकके का पहला साक्ष्य — गुफकराल → मैक्सिको
  • भारतीय पुरातत्व के जनक — अलेक्जेंडर कनिंघम (1861)
  • ASI के प्रथम महानिदेशक — जॉन मार्शल (1901)

📚 यह नोट्स SSC CGL, CHSL, MTS, UPSC Prelims, State PCS परीक्षाओं के लिए तैयार किया गया है।

स्रोत: ApnaCareer — प्राचीन भारत का इतिहास | © 2026 Study Notes

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